Look Inside

श्री गुरुजी एक अनोखा नेतृत्व

श्री माधव गोविन्द वैद्य व्दारा कर्णावती में प.पू.श्रीगुरूजी के जीवन पर दिये हुए व्याख्यानों का यह संकलन पू. श्री गुरूजी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व को उसके सम्पूर्ण भव्यता, ओजस्विता व सामयिकता के साथ सामान्य जनों तक पहुँचाने में यशस्वी होगा |

40.00

5 in stock

SKU: 9b1533c4cdec Categories: ,

राष्ट्रिय स्वयंसेवक संघ के निर्माता आद्य सरसंघचालक प.पू. डॉ.हेडगेवार संघ स्थापना के मात्र १५ वर्ष बाद ही केवल ५० वर्ष की आयु में अकालकालकवलित हुए | उस समय संघ का अधिकांश कार्यकर्ता वर्ग आयु में छोटा था | ऐसी स्थिति में इस नवजात संघ शिशु को सुपोषित कर मार्ग की सभी प्रकार की बाधाओं को उसे पार कराते हुए आगे ले जाने के कार्य का गुरुभार व्दितीय सरसंघचालक के नाते उपाख्य पू. गुरूजी के कंधे पर आ पड़ा | तब उनकी आयु मात्र ३५ वर्ष की थी | अपने व्रजकठोर दृढ़निश्चय, सतत परिश्रम, प्रखर बुद्धिमत्ता व अडिग निष्ठा के सहारे सभी स्वयंसेवको को अपने स्नेह से चैतन्य व विश्वास प्रदान करते हुए आत्मविश्वास से पू.श्री गुरूजी ने उसे पार किया वह तेजस्वी व रोमांचकारी इतिहास सबके सामने है |

श्री माधव गोविन्द उपाख्य बाबुराव वैद्य इस सारे कालखंड में कार्यकर्ता के नाते प्रत्यक्षदर्शी रहे है | एक सिद्धहस्त लेखक, वक्ता व सार्वजनिक जीवन में निरंतर सक्रिय कार्यकर्ता के नाते इन अनुभवों को सभी लोगो के पास यथातथ्य व सटीक रूप में पहुँचाने का कौशल्य भी उनको प्राप्त है | इसीलिए उनके व्दारा कर्णावती में प.पू.श्रीगुरूजी के जीवन पर दिये हुए व्याख्यानों का यह संकलन पू. श्री गुरूजी के व्यक्तित्व तथा कृतित्व को उसके सम्पूर्ण भव्यता, ओजस्विता व सामयिकता के साथ सामान्य जनों तक पहुँचाने में यशस्वी होगा |

Weight 075.00 g
Author

M G Vaidya

Publisher

Suruchi Prakashan