शिक्षा में बोध चतुष्ट्य

शिक्षा के स्वरूप की व्याख्या कुछ आधारभूत सिद्धान्तों पर आधारित है जिन पर अखिल भारतीय कार्यशालाओं की समीक्षा बैठक फरवरी 2017 में बड़े विशद् रूप से की गई थी। उन चार बिन्दुओं पर पुस्तक में गहनता से प्रकाश डाला गया है तथा शिक्षा की आगामी दिशा भी निर्धारित की गयी है, जिन बिन्दुओं पर भारतीय शिक्षा का भवन निर्मित करना है। शिक्षा में गुणवत्ता भी बढ़े और समाज पर उसका प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई दे इसके लिए पुस्तक में जो उच्च शिक्षाविदों के विचारों को संकलित रूप में वर्णित किया गया वह प्रत्येक शिक्षाविद् तथा शिक्षा की व्यवस्था करने वालों के लिए अत्यावश्यक सिद्ध हो सकते हैं, जो सांस्कृतिक धारा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे संक्रमित करना चाहते हैं उनके लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी तथा मार्गदर्शक है।

30.00

50 in stock

SKU: VBE022 Category:

शिक्षा के स्वरूप की व्याख्या कुछ आधारभूत सिद्धान्तों पर आधारित है जिन पर अखिल भारतीय कार्यशालाओं की समीक्षा बैठक फरवरी 2017 में बड़े विशद् रूप से की गई थी। उन चार बिन्दुओं पर पुस्तक में गहनता से प्रकाश डाला गया है तथा शिक्षा की आगामी दिशा भी निर्धारित की गयी है, जिन बिन्दुओं पर भारतीय शिक्षा का भवन निर्मित करना है। शिक्षा में गुणवत्ता भी बढ़े और समाज पर उसका प्रभाव भी स्पष्ट दिखाई दे इसके लिए पुस्तक में जो उच्च शिक्षाविदों के विचारों को संकलित रूप में वर्णित किया गया वह प्रत्येक शिक्षाविद् तथा शिक्षा की व्यवस्था करने वालों के लिए अत्यावश्यक सिद्ध हो सकते हैं, जो सांस्कृतिक धारा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे संक्रमित करना चाहते हैं उनके लिए यह पुस्तक बहुत उपयोगी तथा मार्गदर्शक है।

Weight 70.000 g
Dimensions 21.5 × 14 × 0.4 cm
Language

हिन्दी

Blinding

Pages

564

Author

Shri. Suresh Soni

Publisher

Vidya Bharti Sanskriti Shiksha Sansthan

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “शिक्षा में बोध चतुष्ट्य”