विद्यालय सामाजिक चेतना के केन्द्र बनें

शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति के जीवन और समाज का निर्माण होता है। समाज में जैसी परम्पराएं हम स्थापित और विकसित करना चाहते हैं, उनके लिए सशक्त माध्यम हमारे विद्यालय ही हैं। प्रजातंत्र में तो विशेष रूप से शिक्षा ही परिवर्तन का एकमात्र माध्यम है। बालक अच्छे नागरिक बनकर समाज के दायित्वों को निभाना सीखें तभी स्वस्थ समाज बनेगा। अतः हमारे शिक्षा संस्थानों और गतिविधियों को सामाजिक चेतना के केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिए इस पुस्तक का निर्माण किया गया है और इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए यह उपयोगी सिद्ध होगी।

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शिक्षा के द्वारा ही व्यक्ति के जीवन और समाज का निर्माण होता है। समाज में जैसी परम्पराएं हम स्थापित और विकसित करना चाहते हैं, उनके लिए सशक्त माध्यम हमारे विद्यालय ही हैं। प्रजातंत्र में तो विशेष रूप से शिक्षा ही परिवर्तन का एकमात्र माध्यम है। बालक अच्छे नागरिक बनकर समाज के दायित्वों को निभाना सीखें तभी स्वस्थ समाज बनेगा। अतः हमारे शिक्षा संस्थानों और गतिविधियों को सामाजिक चेतना के केन्द्र के रूप में संचालित करने के लिए इस पुस्तक का निर्माण किया गया है और इस क्षेत्र में कार्य करने के लिए यह उपयोगी सिद्ध होगी।

Weight 20.000 g
Dimensions 21.6 × 14 × 0.1 cm
Language

हिन्दी

ISBN

ISBN 978-93-85256-02-8

Blinding

Pages

8+4

Author

Shri Lajjaram Tomar

Publisher

Vidya Bharti Sanskriti Shiksha Sansthan

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