आचार्य विकास एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम उद्देश्य और संकल्पना

शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है जिस देश का शिक्षक जागरुक है और इस उत्तरदायित्व को समझता है कि देश को अच्छे नागरिक बनाकर मैंने ही देने हैं वह देश और समाज कभी भी पतित नहीं हो सकता। विद्या भारती इस बात को भली प्रकार स्वीकार करती है कि अच्छे शिक्षक जिनके हाथ राष्ट्र निर्माण में कुशल हों देश को उन्नति के उच्च शिखर पर पहुँचा देंगे। इस दृष्टि से विद्या भारती ने आचार्यो के विकास एवं उनके सतत प्रशिक्षण के लिए बहुत सी योजनाएं बनाई हैं और उन पर बहुत ही निष्ठा से कार्य करके आदर्श आचार्य निर्माण किये जा रहे हैं। अच्छे शिक्षक राष्ट्र को देने के लिये यह पुस्तक अत्यन्त प्रभावी मार्ग दर्शिका सिद्ध होगी ऐसा विश्वास है।

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शिक्षक राष्ट्र का निर्माता है जिस देश का शिक्षक जागरुक है और इस उत्तरदायित्व को समझता है कि देश को अच्छे नागरिक बनाकर मैंने ही देने हैं वह देश और समाज कभी भी पतित नहीं हो सकता। विद्या भारती इस बात को भली प्रकार स्वीकार करती है कि अच्छे शिक्षक जिनके हाथ राष्ट्र निर्माण में कुशल हों देश को उन्नति के उच्च शिखर पर पहुँचा देंगे। इस दृष्टि से विद्या भारती ने आचार्यो के विकास एवं उनके सतत प्रशिक्षण के लिए बहुत सी योजनाएं बनाई हैं और उन पर बहुत ही निष्ठा से कार्य करके आदर्श आचार्य निर्माण किये जा रहे हैं। अच्छे शिक्षक राष्ट्र को देने के लिये यह पुस्तक अत्यन्त प्रभावी मार्ग दर्शिका सिद्ध होगी ऐसा विश्वास है।

Weight 30.000 g
Dimensions 21.2 × 13.4 × 0.1 cm
Language

हिन्दी

Blinding

Pages

16+4

Author

Shri Lajjaram Tomar

Publisher

Vidya Bharti Sanskriti Shiksha Sansthan

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